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रास्ते खोज़ के!




उंचे उठिए, विशाल रचनाकार
और दुनिया आप के साथ
कम होइये और
सब और थोडे कम हो जायेंगे

उभरिए, विशाल रचनाकार
अपनी बेशकीमती को गले लगाइए
थोड़ा और कमर कसिए
और कायनात भी उभर जाएगी


ठहरिए, विशाल रचनाकार
आपकी ताकत आपके अंदर है,
अपनी संभावना से न डरें,
डरावनी सरहद को लांघ लें


हिम्मत से आगे बढें, विशाल रचनाकार
आगे महानता है,
दिलदार होइए
और आपकी रूह गुनगुनाएगी


सच रहिए, गज़ब महारथी
रास्ते कभी खत्म नहीं होते
अपनी मुस्कराहट से बल लीजिए
नए मोड़ों से गुजरते वक्त

साथी हो जाइए, सब महारथी,
साथ में तेज है, ताकत है,
एक दूसरे का आसमान बनिए
ये साथ सब को बुलंद करेगा


क्यों कम होते हैं, प्रिय महारथी
अपने बचपन को गौरवान्वित करिए,
अपने सच को पालिए, जी लीजिए,
निडर, निर्भीक बनिए, शोर करिए!

- एक इंग्लिश रचना से अनुवादित जिसके कवि का नाम ज्ञात नहीं!

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