अब क्या तलाश है तैयार होती एक नयी लाश है वक़्त खामोश है, या इतना कुछ कह रहा कि कुछ हाथ नहीं आता कुछ बदलने वाला है, कुछ पुराना होता है, अतीत जमीं होता है, नया उगता है पर इस लम्हा वो दौरान है कुछ नज़र नहीं आता इस लिए इरादा परेशान है अब जाने दीजिए अगर कोई काश है नया होने को एक नयी लाश है !!
अकेले हर एक अधूरा।पूरा होने के लिए जुड़ना पड़ता है, और जुड़ने के लिए अपने अँधेरे और रोशनी बांटनी पड़ती है।कोई बात अनकही न रह जाये!और जब आप हर पल बदल रहे हैं तो कितनी बातें अनकही रह जायेंगी और आप अधूरे।बस ये मेरी छोटी सी आलसी कोशिश है अपना अधूरापन बांटने की, थोड़ा मैं पूरा होता हूँ थोड़ा आप भी हो जाइये।