बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ , आदमी हुँ आमदनी से प्यार करता हूँ , एक तिज़ोरी बन गया दुनिया के मेले में , पैसे दिखते कोल में , ड़ब्बे में रेलों के , मुस्करा के नोट सब स्वीकर करता हूँ आदमी हुँ आमदनी से प्यार करता हूँ हूँ बहुत नादान करता हूँ ये नादानी भाई भतीजे मेरे और मेरी ही मनमानी हाथ खाली हैं मगर व्यापार करता हूँ आदमी हूँ . . . क्या हुआ जो फंस गया हूँ एक स्केंड़ल में , खुश करुँ लक्ष्मीजी सोने की केंड़ल से इस तरह में टीम अपनी तैयार करता हूँ आदमी हूँ . . . मैं बनाना चाहता हुँ स्वर्ग धरती पर , ले लो तुम कॉन्ट्रेक्ट इसका टेंड़र भर - भरकर , 3G का नेटवर्क मस्त तैयार करता हूँ आदमी हूँ आमदनी से प्यार करता हूँ . . . https://www.youtube.com/watch?v=rEuGYVAQutY स्टार प्लस के ड़ांस शो को promote करने के लिये करंट इशूस के उपर व्यंग करने के लिये शो के पार्टिसिपेंट चावट बोयस के लिये लिखे गाने!
अकेले हर एक अधूरा।पूरा होने के लिए जुड़ना पड़ता है, और जुड़ने के लिए अपने अँधेरे और रोशनी बांटनी पड़ती है।कोई बात अनकही न रह जाये!और जब आप हर पल बदल रहे हैं तो कितनी बातें अनकही रह जायेंगी और आप अधूरे।बस ये मेरी छोटी सी आलसी कोशिश है अपना अधूरापन बांटने की, थोड़ा मैं पूरा होता हूँ थोड़ा आप भी हो जाइये।