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ज़ज़्बा ए इम्कान!

ज़मीन देखिए हमारा आसमान देखिए, हल्की सी चहरे पर मुस्कान देखिए, मुश्किल है! तो क्या आसान देखिए! सफर का सारा इंतज़ाम देखिए! एक हम ही नहीं है हमसफर उनके, जो आप उनके तमाम काम देखिए!! क्यों नहीं हो सकता आसमां में सुराख, इस जज़्बे पर रवैया इम्कान देखिए! कितनों को हांसिल है हमदिली उनकी, दिल का उनके खुला मैदान देखिए!! शोहरत से फिर भी ख़ासा डर है, कोई कह न दे 'अल्हा!' "बड़ा काम" देखिए! *Imkan - possibilities