सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

आप लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

दुआ है...आमीन!

यकीन है आप अब भी आप होंगे, अपनी मुश्किलों के माई-बाप होंगे! वैसे ही दिल के साफ होंगे, अपनी चाहतों के पास होंगे! ज़िन्दगी गुज़र रही होगी रोज़ाना, और आप हर लम्हा एहसास होंगे! दुनिया बदल रही है तेज़ी से, रोज़ाना आप नए आइनों के खरीदार होंगे! ज़मीं सरकती है पैरों के नीचे, अक्सर इतेमाद!यक़ीनन अपने क़दमों पर होंगे! अपनी ज़रूरतों के तो सब दिलदार हैं, आप अपनी हमदिली के तलबगार होंगे! इस्तेमाल की चीज़ बनी हर खसुसियात, उम्मीद है आप ख़ासियत के बेकार होंगे! सारे रिश्ते और यारी फ़क्त एक 'एप' बने हैं, दुआ है आपके तरक्की से थोड़े गैप होंगे! सारी कामयाबी फक्त कमाई बनी है, ज़ाहिर है आप ऐसी आदतों के गरीब होंगे!

और आप!

एक आप हैं,  आप दिख रहे हैं या कुछ दिखा रहे हैं,  कहते कुछ नहीं पर कुछ फ़र्मा रहे हैं! आप मुस्कराते हैं या सुबह को जगाते हैं, चलिये आज सूरज़ को भूल जाते हैं :-) नज़र छुपा रहे हैं या बचा रहे हैं , नज़दीकियों के अंदाज़ आ रहे हैं! और एक आप ये भी किसी का सच है, आप भी सचमुच! कितना आसान है, जो किया अगर चुपचुप! जो आप की नज़र में है, वही आज़ की खबर में है, क्या समझें बारीकियों को ध्यान जिनका असर में है! अटके हुए हैं आप अपनी ही तहरीरों में,  रंग दिखते नहीं आप को तस्वीरों में! क्या ये आप नहीं ? आप अपने जख्मों को रंग लगाते रहिये  असर होने के लिये एक आह काफ़ी नहीं! अकेले हैं आप ये सोच छोड़ दीजे, यूँ नज़रों पे इतना भरोसा न कीजे! और आप सब ! रिश्ता कुछ नहीं फ़िर भी वास्ता आप से है, मुसाफ़िर होने की कुछ ये भी तरकीबें हैं! कोशिशें आपकी निशान हो जाये, इरादे आपकी पहचान हो जायें, सफ़र मुबारक है आपका, बस मुश्किलें थोड़ी आसां हो जायें!