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राम, धरम और एक आसा!

आसा अब राम जपे या अपने कान पकड़े, पैर छूने गये तो बाबा ने गरेबान पकड़े! धर्म का नाम बलि है, गवाहों को स्वर्ग मिली है!  आसा के तो राम हो गए, बाकी सब 'हे राम!हो गए ॐ जय जगदीश हरे, आसा से सब राम मरे! आसा ने कितनों को राम का प्यारा किया, मर गए सब जिनने आसा से किनारा किया  रामप्यारे, वारे न्यारे, भक्त बधारे, मूरख सारे सब झूठी आसा के मारे! राम के बंदे हैं या राम के धंधे मस्ज़िद की कब्र पर मंदिर बनाएंगे, इससे ज्यादा घटिया लोग कहाँ पाएंगे  मज़हब इंसाँ हमको करता है थोडा कम, धर्म धंधा है कामयाब गरीब गले का फंदा! इस मुल्क में अब राम की शरण है, या आपातकालीन मरण है!

क्या बदला इंसान?

देख तेरे व्यापार की हालात क्या हो गयी भगवान ,  कितना बदल गया इंसान ,  कैसे युस करे तेरा नाम , हवा बदल गयी , बरफ़ पिघल गयी , जंगल हुए शमशान कितना बदल गया इंसान ,  थुके कंहा कंहा ये पान , रिश्तों की ये उल्टी गंगा , फ़ेसबूक पर पप्पा मम्मा दोस्त बनाने का ये धंधा , आई मुसीबत दिखता है ठेंगा सच्चाई से दूर हो रहे राहुल , गीता , श्याम कितना बदल गया इंसान कैसे समाचार के धंधे , breaking news पर टिके हैं बंदे बने सब हम सोने के अंड़े , घर में घुस गये दिल के अंधे मरे हुए के बाप से पुँछें , आप का क्या है बयान कितना बदल गया इंसान education जादू मंतर माँ - बाप - बच्चे बने हें बंदर चाहे कितने अच्छे हो नम्बर मोटी रकम हो पहले अंदर खोल खोल शिक्षा के मंदिर चूस रहे सब प्राण कितना बदल गया इंसान बैठा तू मंदिर में भोले तेरे नाम के धंधे खोले black money के भर भर झोले पाप सबके जो तराजू तोले स्वामी , श्री , पंडित के बनते बंगले आलीशान कितना बदल गया इंसान करे पाप भी तेरे नाम , जुँ नहीं रेंगे इनके कान मोटी चमड़ी , खोटे...

आसा के राम .....या झांसा के राम !