चलना है, चलते रहना है, रास्ता ज़िन्दगी और ज़िन्दगी रास्ता, रुकना क्या है? एक लंबी सांस, हाथ फिसलती आस, सफ़र की प्यास, मोड़ की तलाश, कोई लम्हा ख़ास, कोई पल उदास, एक लंबी सांस, उठिये, चलिये, चलना है, चलते रहना है, पहुंचना क्या है? मंज़िल, मक़ाम, ख़त्म मुश्किल या काम तमाम, मुग़ालता, गुमान, झूठी शान, मीठा पान, हसीं शाम, लंबी सांस लीजिए, कल फिर नए मायने, नए अंजाम, चलना है, चलते रहना है, ज़िन्दगी लहर है, सुबह भी है ओ शामो सहर है, न ख़त्म होने की चीज़, न रुकने की, आप चले या रुकें, थकें, ज़िन्दगी जियें या घूँट घूँट पियें, ज़िन्दगी आप को ज़ी रही है, चलना है? रुकना अपने आप को छलना है!
अकेले हर एक अधूरा।पूरा होने के लिए जुड़ना पड़ता है, और जुड़ने के लिए अपने अँधेरे और रोशनी बांटनी पड़ती है।कोई बात अनकही न रह जाये!और जब आप हर पल बदल रहे हैं तो कितनी बातें अनकही रह जायेंगी और आप अधूरे।बस ये मेरी छोटी सी आलसी कोशिश है अपना अधूरापन बांटने की, थोड़ा मैं पूरा होता हूँ थोड़ा आप भी हो जाइये।