इरादे ताकत करते है, इरादों कि इबादत करते हैं, जो सामने है वही सच है, इस बात से हम बगावत करते हैं, मोहब्बत ज़ाहिर करते हैं, कलम सर को हाज़िर करते हैं, उनकी बात उन्हीं को नाज़िर करते हैं, कोई शक! काफ़िर करते हैं पसंद, दावत करते हैं, काम, कवायत करते हैं, छुट्टी, शायद करते है, कुछ नहीं तो करामत करते हैं! जो सोचते हैं सच करते हैं, मुश्किलें आयें तो पच करते हैं, शक सामने हो तो 'च्च' करते हैं कभी कभी टू मच करते हैं! रवायत को हम 'धत' करते हैं, मज़हबी बातों को 'But' करते हैं, आप करिये हम हट करते हैं, बात सच है सपट करते हैं! रास्तों को घर करते हैं, मकाम साथ सफ़र करते हैं, अकेले नहीं हमसफ़र करते हैं, आईये अक्सर करते हैं किसी से नहीं कंपेर करते हैं, अपने यकीनों को जिगर करते हैं, हो जायें आप बुलंद, लगे नहीं वो नज़र करते हैं,
अकेले हर एक अधूरा।पूरा होने के लिए जुड़ना पड़ता है, और जुड़ने के लिए अपने अँधेरे और रोशनी बांटनी पड़ती है।कोई बात अनकही न रह जाये!और जब आप हर पल बदल रहे हैं तो कितनी बातें अनकही रह जायेंगी और आप अधूरे।बस ये मेरी छोटी सी आलसी कोशिश है अपना अधूरापन बांटने की, थोड़ा मैं पूरा होता हूँ थोड़ा आप भी हो जाइये।