आज सुबह की बात हुई, #निसर्ग से मुलाकात हुई, कमाल है, 'विनाश काले, प्रिविलेज भुना ले' साइक्लोन गया, हमको क्या मिला? कुछ टूटे पत्ते छोटी डाली, फूलों की लाली चादर बना ली! बरसात की टिपिर टुपुर गमलों में पानी, एक और मेहनत बचा ली, खूबसूरती! देखने वाले कि आंख हैं, सकारात्मक रवैया, हरियाली खुशहाली, गर्मी ख़त्म, ऐ.सी. बिजली खर्च कम आधे भरे ग्लास में कितना दम! गुड मॉर्निंग वॉक, अख़बार की ख़बर नुकसान इधर उधर किसी की छत उड़ गई, कहीं दीवार सर पड़ गई, बह गया सामान, रह गया पिघला मकान इधर हमारी पकौड़ी तल गई, मौसम हसीन था, चाय और चल गई!
अकेले हर एक अधूरा।पूरा होने के लिए जुड़ना पड़ता है, और जुड़ने के लिए अपने अँधेरे और रोशनी बांटनी पड़ती है।कोई बात अनकही न रह जाये!और जब आप हर पल बदल रहे हैं तो कितनी बातें अनकही रह जायेंगी और आप अधूरे।बस ये मेरी छोटी सी आलसी कोशिश है अपना अधूरापन बांटने की, थोड़ा मैं पूरा होता हूँ थोड़ा आप भी हो जाइये।