शानदार भारतीय परंपरा, "त्याग" , सीधी भाषा में बोलें तो "छोड़ना" राम ने राज त्यागा, राम राज हो गया, वनवास करने के बाद दोबारा राज छोड़ने में कोई एक्साइटमेंट नहीं था, टी.आर.पी भी नहीं मिलती, रियलटी शो का नया सीज़न था सीता त्याग दी, मर्द बन गये, वाह, मर्दाना पुरुषोतम, खैर वो पुरानी कहानी है, "हे राम" अब सरकार ने जनता को भगवान बनाने की ठानी है, एकदम फ़्रेश कहानी है, फ़ुलटू टी आर पी वाली अरनब कि कसम, आप सब जानते हैं, त्याग से भगवान बनते हैं, राम हुए, बुद्ध हुए, वो राजाओं का युग था, राजा भगवान हो गये अब प्रज़ा का युग है, तो प्रज़ा बनेगी, (ये एपिसॊड़ लम्बी चलेगी ) पर कैसे, त्याग तो सिखाना होगा छोड़ना, अब एक एक को कहां समझाने जायें, चलो बैन का रास्ता अपनायें बैन जोड़ मतलब बेजोड़ आईड़िया है, और सदियों से कहावत चली आ रही है, एन आईड़िया केन बदलो दि दुनिया बीफ़ बैन - छोड़ खाने का त्याग, अब मुसलमान भगवान होंगे मीट...
अकेले हर एक अधूरा।पूरा होने के लिए जुड़ना पड़ता है, और जुड़ने के लिए अपने अँधेरे और रोशनी बांटनी पड़ती है।कोई बात अनकही न रह जाये!और जब आप हर पल बदल रहे हैं तो कितनी बातें अनकही रह जायेंगी और आप अधूरे।बस ये मेरी छोटी सी आलसी कोशिश है अपना अधूरापन बांटने की, थोड़ा मैं पूरा होता हूँ थोड़ा आप भी हो जाइये।