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सफ़र असर

  चलते फिरते, भागते भागते घूमते रस्ते तेज धीमे  बदलते वास्ते बनते बिगड़ते, आसान, मुश्किल रास्तों से वास्ते, जाना तय है, और पहुँचना? कहां हैं? वो कोई एहसास है, या कोई जगह है? और साथ किसका, कौन सी वजह है? तमाम रिश्तों की जुड़ती कड़ियां  सफ़र हैं, रस्ते, मोड़, मकाम तमाम, घर- दुकान, वीरां मैदान पेड़ उगते उखड़ते, पानी पहाड़, पिघलती बर्फ, बहती धाराएं क्या इनका असर है? बिना उस असर के क्या सफ़र सफ़र है?

कुछ करते हैं!

  इरादे ताकत करते है, इरादों कि इबादत करते हैं, जो सामने है वही सच है, इस बात से हम बगावत करते हैं, मोहब्बत ज़ाहिर करते हैं, कलम सर को हाज़िर करते हैं, उनकी बात उन्हीं को नाज़िर करते हैं, कोई शक! काफ़िर करते हैं   पसंद, दावत करते हैं, काम, कवायत करते हैं, छुट्टी, शायद करते है, कुछ नहीं तो करामत करते हैं!  जो सोचते हैं सच करते हैं, मुश्किलें आयें तो पच करते हैं, शक सामने हो तो 'च्च' करते हैं कभी कभी टू मच करते हैं! रवायत को हम 'धत' करते हैं, मज़हबी बातों को 'But' करते हैं, आप करिये हम हट करते हैं, बात सच है सपट करते हैं!   रास्तों को घर करते हैं, मकाम साथ सफ़र करते हैं, अकेले नहीं हमसफ़र करते हैं, आईये अक्सर करते हैं किसी से नहीं कंपेर करते हैं, अपने यकीनों को जिगर करते हैं, हो जायें आप बुलंद, लगे नहीं वो नज़र करते हैं,

और सफ़र अपने!

बदलते रस्तों के सामान, साथ को थोड़ी सी शमशान,  चलना काम है अपना, किसको परवा है क्या अंजाम! "एक सफ़र कई रास्ते, मुसाफ़िर होने के वास्ते, कितने मकाम ठाढें थे, सो कौन हुए हम आस्ते!" "सफ़र सबका है, और सब ही शुक्रगुज़ार भी, कहने को रुके हैं, मुसाफ़िर हम, तैयार भी!" "दिल को मिले दिलवाले, लम्हों का हलवा बना ले, जायके जिंदगी के सफ़र में, दावत कबूल हो!" "तस्वीर है या कोई तासीर है, मिजाज़ है या मर्ज़ी, तमाम तज़ुर्बे है इस सफ़र के और कलम दर्ज़ी!"   "तमाम सफ़र है रास्तों में गर आपको फ़ुर्सत है, रोज़ाना से दूर चलिये बड़ी हसीन फ़ुर्कत है!" न दूर जाने की बात है न नज़दीकियों से वास्ता,  प्यासी है रूह अपनी इसको नहीं कोई नाश्ता! "युँ तो आसमान भी काफ़ी नहीं, जो जमीं है वो भी कुछ कम नहीं!" सफ़र है पर सब चलते नज़र नहीं आते, कि अपनी ही तस्वीर में कैद हुये जाते हैं आप हैं हम हैं और वो कई इतफ़ाक,  चलने को पूरे हैं और रुकने को अधुरे! सफ़र अपने समय के मोहताज़ नहीं, जिंदगी तज़ुर्बा है सर का ताज़ नहीं! ...