हट्टे - कट्टे सारे इकट्ठे , शॉपिंग की तो जेब कटे दाम चीजों के बड़े - बड़े लुट गये बाज़ार में खड़े - खड़े चिल्लर साली संभाल तू दाल - रोटी के पड़े लाले सपनों पे अब लगे ताले , स्कूल की फ़ीस , सेहत /health को चीज़ उपर वाले से पुछें क्या "what's up re” ढीली कमर से खिसके है चड़्डी - चड्डी साला इज्जत उतारने को always ready हर एक रेट कमीना होता है , बड़ा सस्ता आज कल पसीना होता है , मुश्किल मंहगाई में जीना होता है बड़ा लंबा हर एक महीना होता है , उंची दुकान और फ़ीके पकवान पैसा भगवान और पैसा पहलवान दो कौड़ी का ईमान रे dogy लार टपका बोले "what's up re” देख मुँ में मेरे हड़ड़ी - हड़डी साला इज्जत उतारने को always ready हर एक रेट कमीना होता है लड़्डु - पेडा जैसे नगीना होता है , दुसरे को लूट कर ही जीना होता है हर एक रेट कमीना होता है अपने ही हाथों वो खुद को मारें खेत सूख गये जो इनके सारे पैसा सरकार है , मेहनत बेकार है शहरों में आयेंगे , स्लम नयी बनायेंगे खायेंगे रोज़ अमीरों की गाली ...
अकेले हर एक अधूरा।पूरा होने के लिए जुड़ना पड़ता है, और जुड़ने के लिए अपने अँधेरे और रोशनी बांटनी पड़ती है।कोई बात अनकही न रह जाये!और जब आप हर पल बदल रहे हैं तो कितनी बातें अनकही रह जायेंगी और आप अधूरे।बस ये मेरी छोटी सी आलसी कोशिश है अपना अधूरापन बांटने की, थोड़ा मैं पूरा होता हूँ थोड़ा आप भी हो जाइये।