देशभक्ति की हवा चली है, सब की तरह में भी भावनाओं में, बह गया हूँ, लगता है जो नहीं सहना था सह गया हूँ, देशभक्ति अब सड़कछाप गुंडागर्दी बनी है, कमजोर की आवाज़ उठाने वालों से ज़म कर तनी है सच हज़म कर सकते हैं तो सुनिए, आप हम सब देशद्रोही हैं, तरह तरह के आकार प्रकार में आते हैं, 1- देशभक्त देशद्रोही- ये हैं सबसे घातक देशद्रोही, इनके मुँह पे हमेशा भारत माँ का नारा है, ये भृष्ट हैं, गुंडे हैं, नेता, पत्रकार, खाकीधारी, भगवाप्रहरी, खुद आरोपी, खुद प्रहरी और कचेहरी! 2 - मूत्रमयी आज़ाद देशद्रोही - इनकी प्राथमिकता हर समय, हर जगह आज़ादी, ये अपने मूत्र को गंगा समझते हैं, और पुरे देश को रोज पवित्र करने का बीड़ा इनके हाथ है, उसी हाथ से ये बाकी काम भी करते हैं, ये अधिकतर मर्द होते हैं! 3- पूंजीवादी देशद्रोही - व्याख्या की जरुरत नहीं 4- टीवी देशद्रोही - ये सबसे ताजे देशद्रोही हैं, ताकतवर हैं, ये भगवान का बाज़ारी रूप हैं, 24 घंटे आपके रिमोट के अंदर रहते हैं ये पंडे हैं, आग और घी दोनों का मिश्रण इनको जीवन देता है! 5- मध्यमवर्गी देशद्रोही - ये गुस्सा में हैं, क्...
अकेले हर एक अधूरा।पूरा होने के लिए जुड़ना पड़ता है, और जुड़ने के लिए अपने अँधेरे और रोशनी बांटनी पड़ती है।कोई बात अनकही न रह जाये!और जब आप हर पल बदल रहे हैं तो कितनी बातें अनकही रह जायेंगी और आप अधूरे।बस ये मेरी छोटी सी आलसी कोशिश है अपना अधूरापन बांटने की, थोड़ा मैं पूरा होता हूँ थोड़ा आप भी हो जाइये।