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जाने दो!

"ऐसे कैसे जाने दें" ये सोच न आने दें रोकें अपने आप को टोकने से और कदमों को जाने दें आगे गहराई है, डूबने, चढ़ने की, सच्चाई है, कड़वी लगाम नहीं, चाल बदलना, रणनीति है, न की 'हाथ खड़े' न ही 'चिकने घड़े' मढ़ें, अपने सच, गढ़ें नहीं, लड़े नहीं अपने रस्तों से, बदलें, गिरें संभलें मुड़ें, जुड़ें, क्षितिज से वहाँ जहाँ होती है ज़मीन आसमान आसमान ज़मीन सच सही गलत अच्छे बुरे बीच घुटे नहीं! आपकी राय, एकतरफ़ा हो जुटे नहीं, नकारने सपना, दमतोड़ता कोने में आपके दिल के, "जाने दो" ये सोच न आने दो!