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सर्वे सन्तु भारतीय!

यकीन अलग थे, ज़मीं वही थी, ये किसी की चाल थी, या यही चलन है, अब? मैं, मैं क्यों नहीं रह सकता? सिर्फ इसलिए के आप, आप हो? किसी के बेटे, किसी के बाप हो? या सिर्फ एक क़ातिल तहज़ीब की छाँप हो? राम का नाम हो और, फन फैलाये सांप हो? और आप, और आप, आप भी, शरीफ़ हो, ख़ामोश हो, या गाय का दूध पी मदहोश हो? माँ कसम, क्या नशा है? ये कौनसे दर्द की दवा है? या माहौल है, हवा है? मानना है क्योंकि 'सरकार' ने कहा है? यानी, जो नहीं कहा है, आप आज़ाद हो गए, वहशियत के डर से? या इस यकीन से के ऊपर वाले के दरबार में, पीठ थपथपाई जाएगी, आपकी भी बारी आएगी। "प्रभु, आपका नाम ऊंचा किया, इसने सर नीचा किया, जब भीड़ ने जुनैद का तिया-पाँचा किया! शाबाश पुत्र, तुमने राम का नाम किया, तुम्हें स्वर्ग मिलेगा, 5 स्टार चलेगा!"? "और प्रभु, इन्होंने तो आप की लाज बचा ली, इन्होंने इंसानियत से ज्यादा मान आपका किया, पहलू और अख़लाक़ का काम तमाम किया, पूरे समय इनके ओठों पर एक ही नाम था, जय श्रीराम था, वाह, वाह, इन्हें तो प्रभु अपने वाम पक्ष में स्थान दीजिए, इनको यम का नाम दीजिए" ...

फार्मूला-ए-देशप्रेम!

देश भक्त होना कितना आसान है, घर बैठे बैठे करने का ये काम है, सरकार ने नए फॉर्मूले बनाए हैं, माँ कसम, इतने सरल उपाय हैं! फॉर्मूला नम्बर 1 "ख़ामोशी सोना है" बोल कर क्या होना है? चुप रहिए, "शांत रहो", अपने ज़मीर को कहिए, सरकार, जनता की, जनता के लिए, गलत कुछ कर नहीं सकती, आपको यूँही शक है, और शक का कोई इलाज नहीं, इस फॉर्मूले को प्रधानमंत्री का सपोर्ट है, अगर आप नहीं करते तो आपके मन में खोट है, आप देश द्रोही हैं, और आपको डंडा मिलेगा, सख्ती से आपको सच मिलेगा! फार्मूला नंबर 2 लाईन में खड़े हो, जितनी लंबी लाईन, जितनी देर, आप खड़े खड़े समय बिताएंगे, आप अपने आप देशभक्त गिने जाएंगे, पैसा तो वैसे भी हाथों का मैल है, आज नहीं तो कल, ...कल....कल हाथ आ जायेगा! अब ख़ाली ज़ेब वाला भी, देशभक्त कहलायेगा! (चेतावनी "मेरा नम्बर कब आएगा" ये पूछना पाप है, ) लाइन में खड़े रहने, आपके लिए एक जाप है, इसमें राम बाबा की छाप है, पतन को अंजलि दीजिए, कहिए, 'अच्छे दिन आएंगे' ....साँस अंदर .....साँस बाहर फार्मूला नम्बर 3 लकी रंग अपनाएं, भगवा या ...

देशद्रोही कहीं के!

हेलो  . . .  माईक टेस्टिग . . . हेलो चेक चेक चेक हेलो हेलो चेकिंग देशद्रोही चेक चेक   देश गहरे संकट में है,  चारों तरफ़ से खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, खबर आयी है कि देश में देशद्रोही बड़ गये हैं,  कोई भी शक के दायरे से बाहर नहीं है,  आप मासूम नहीं सिर्फ़ इसलिये  कि आपकी कोई राय नहीं‌ है! अगर आपको देश से प्यार है,  तो मान कर चलिये हर कोई गद्दार है,  सरकार ने एक पत्रा फ़ॉर्मूला निकाला है,  बोलो, "भारत माँ की . . ." अगर नहीं बोल पाए तो आप देशद्रोही!  और अब तो देशभक्त होना भी आसान है,  एक झंड़ा और एक डंड़ा,  हाथ में रखिये,  झंड़ा उँचा रहे तुम्हारा, फ़िर जी चाहे उसको मारा, वंदे-मातरम का जोर नारा,  और माँ-बहन की गाली का सहारा,  देशभक्ति के लिये इतना तो वाज़िब है,  वैसे भी वेदों में कहा है,  जैसे को तैसा, खून का बदला खून से, भरम करो, करम की चिंता मत करो, और साथ ही, कुरान में,  क्षमा कीजिये, पुराण में लिखा है,  हिंसा परमो धर्मा,  उठा त्रिशूल मत शरमा!   ...

जय जय जय .....जय है!

सारी तहज़ीब बेशरम, क्या वंदे क्या मातरम ! चौड़ी छाती के भरम, सावधान सब कदम, क्या है आपका धर्म, जबरन वंदे मातरम! 56 इंच वंदे मातरम, शून्य शर्म, अनगिनत भरम, मूरख सब हम! चरणों में वंदन वंदे मातरम घुटने ऊपर नज़र गयी तो, फिसल गयी बेशर्म! जन गण मन, मन चंचल, मज़हबी दंगल, जय हो! तिरंगे के नाम पर भगवे का धंधा, राम का बंदा, देशभक्त गन्दा! सावधान! भारत माता की जय! विश्राम! कहीं भी पेशाब की जाय! तब शुभ नामे जागे तब शुभ आशीष मांगे सुर्ख लाल सडकों पर, मुँह छिपा कर भागे? जन गण मंगल दायक जय हो गाय के नाम से सबको भय हो!! भारत भाग्य विधाता, नहीं मानते तो, बैग पैक करो घर पाकिस्तान का टिकिट आ जाता!