कत्ल हो गया और कातिल कोई नहीं, इस मुल्क का हांसिल कोई नहीं! मोहब्बत की बात करता था जो, नफ़रत को नागवार वो गया! खुश होंगे वज़ीर-ए-कत्ल मुल्क के, हस्पताल में गुठली का दाम हो गया! सोच संघी ताकत सरकारी, इंसाफ पे भारी, इस दौर को असली महामारी हो गया! बस एक गुनाह था के रोशनी था वो, अंधेरे के सौदगरों को खार हो गया! नाम स्टेन स्वामी, उम्र 84 साल, क्या मलाल, एक सवाल, एक सवाल, और बस सवाल!
अकेले हर एक अधूरा।पूरा होने के लिए जुड़ना पड़ता है, और जुड़ने के लिए अपने अँधेरे और रोशनी बांटनी पड़ती है।कोई बात अनकही न रह जाये!और जब आप हर पल बदल रहे हैं तो कितनी बातें अनकही रह जायेंगी और आप अधूरे।बस ये मेरी छोटी सी आलसी कोशिश है अपना अधूरापन बांटने की, थोड़ा मैं पूरा होता हूँ थोड़ा आप भी हो जाइये।