दो दिलों के बीच एक झरोका है, दो ज़िस्मों से फ़रक जो हमेशा अलग हैं, दो चिराग एकरूप न हों, जब रोशन होते हैं तो एकात्म हो जाते हैं आशिक की तलाश अंजुमन नहीं, जब तक चाहने वाले की भी तलाश यही न हो, आशिकों की आशनाई उनका ख्याल बनती है, दिल-ए-अज़ीज़ की मोहब्बत, हमें मुकम्मल और रोशन करती है! - रूमी अफ़सोस न करो, जो भी खोया है, कुछ और बनकर वापस आता है, ज़ख्म वो जगह हैं, जहाँ से रोशनी हमारे अंदर का रस्ता ढूंढ्ती है, प्यार करने वाले आखिरकार कहीं नहीं मिलते, वो हमेशा से ही एक-दुसरे में मौज़ूद हैं, प्यार को खोज तुम्हारा काम नहीं है, काम है उन सारी दीवारों को गिराना, जो तुम्हारे रास्ते आती हैं और, जो तुम ने अपने अंदर बनाई हैं! जब तुम्हारी रूह तुम्हारा काम करती है, एक दरिया अंदर बह उठता है, आनंद का, क्यों अपने को कैद कर रखा है? जब दरवाज़ा पूरा खुला हुआ है? ये मोहब्बत है, आगे के अंजाने आसमानों तक ले जाने वाली, हर पल हजार पर्दों को हटाने वाली, पहले . . . ज़िन्दगी से अपनी पकड़ छोड़, और फ़िर एक कदम आगे, बिन पैर, अपनी होशियारी ...
अकेले हर एक अधूरा।पूरा होने के लिए जुड़ना पड़ता है, और जुड़ने के लिए अपने अँधेरे और रोशनी बांटनी पड़ती है।कोई बात अनकही न रह जाये!और जब आप हर पल बदल रहे हैं तो कितनी बातें अनकही रह जायेंगी और आप अधूरे।बस ये मेरी छोटी सी आलसी कोशिश है अपना अधूरापन बांटने की, थोड़ा मैं पूरा होता हूँ थोड़ा आप भी हो जाइये।