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टुकड़े टुकड़े भारत!

मैं टुकड़े टुकड़े हूं, मैं भारत हूं, किसी की आदत, कोई बगावत, किसी की शिकायत, किसी की नज़ाकत किसी को जमीन हूं, किसी की जानशीन, किसी को मोहब्बत हूं, किसी की हुज्जत हूं, दिन रात, देर-सबेर, मैं एक नहीं हूं, कभी था ही नहीं!

सच आसपास!

हालात, बिगड़े हुए, और  बिगड़ेंगे, टूटे हैं जो, और बिखरेंगे, कमज़ोर चूस कर ताकत बढ़ाते हैं, आपने किस को वोट दिया? था? संस्कृति पुरानी है, गौरवशाली, कड़वे सच रौंद कर, मन की बात, इतिहास, बन रही है, अंधभक्तों की  नई जमात, गर्व से कहो... "जिसकी लाठी उनकी भैंस" बुरा लगता है देश अपना समाज अपना धर्म, जात वर्ग, अपना, अपने द्वारा, अपने लिए, बाकी सब ? पतली गली से निकलिए, गांव, झोपड़-पट्टी, कचरे पर, कचरा जोड़, बेच, पैबंद लगी दीवारों की बस्ती! मेरा भारत महान, मेरा सामान, मेरी दुकान मालिक, सरपरस्त, सेठ, नेता, प्रधान, सर्वेसर्वा कितने नाम, ऊंची दुकान  फीके पकवान, मुसीबत में सब उड़नछू हराम!  हेराम! आपका वोट आपका अंजाम! सच जानेंगे या मनकही मानेंगे? अनकही बातें,  अदृश्य, अनगिने लोगों की, अनचाहे लम्हों की, अनगिनत मुश्किलें, उबलते सवाल, क्या आपको नहीं हैं? जो होता है क्या वो सही है? आपके सवाल कहाँ हैं?

अफ़सोस, ए मुल्क!

भारत माँ की.....

भारत माँ की बेटियों को पेट में मारा जाता है, जय भारत माँ की जमीं पर जीवन उगाने वाले आत्महत्या कर रहे हैं, जय भारत माँ की, साँसे फूलती हैं तरक्की के धुँए से, जय भारत माँ की, औकात एक मज़हब, एक भाषा तक सिमटा दी, जय भारत माँ की, बेटियां बाज़ार में जिस्म बेचती है, और बेटे खरीद रहे हैं, जय भारत माँ की, ठेकेदारी, गुंडों के हाथ पड़ गयी है, जय भारत माँ की, इंसानियत एक जात है, यहां पैदा होना अपघात है, जय भारत माँ की, रसोई एक अखाडा है, गाय ने इंसान को पछाड़ा है, जय भारत माँ की, शिराएँ (नदीयाँ) श्री नाला बनी है, शंकर को रवि का श्राप लगा है, जय भारत माँ की, औलादें, सड़क किनारे और स्टेशन प्लेटफॉर्म पर बीड़ी मारती और डंडे खाती हैं, जय क्या आप को अब भी लगता है? भारत एक माँ है? या ये कहना गुनाह है? आपकी भी जय!!

भारत माँ के बच्चे -2

10साल का रामु कचरा चुनता है, किस एंगल से ये भगवान बनता है! 11 साल की लाजो को 2 साल का पप्पू संभालना है, ज़रा बताइये इनमें से किस के अंदर भगवान् होगा? 12 साल के नरेंदर को आज खाकी निक्कर मिला, अब उसको उम्र भर की नफ़रत सिखाई जायेगी! 13 साल की वसुन्धरा की आज सुहाग रात है, कुछ खेलों में बच्चो कि 'कच्ची' नहीं होती! 14 साल का 'श श, अबे इधर आ' टेबल साफ़ करता है, उसका नाम, चाय पीने वालों की तहज़ीब बन गया है! 15 साल की सीता आज से "A" हो गयी है, भारत माँ के साथ ज़बरजस्ती हो गयी है! 16 साल का शेख तडप रहा है प्लेटफ़ॉम पर, आज उसको 'व्हाट्नर' नहीं मिला सूंघने को! 17  साल की मंजु अब दिल्ली जायेगी, साहेब के बच्चों के बड़े काम आयेगी! 18 का हनुमंता चोरी करते पकड़ा गया, अब उसे ट्रेनिंग के लिये जुवेनाइल भेजा है! (बाल-अधिकार कानून के तहत १८ साल की उम्र तक आप बाल-अधिकार के दायरे में आते हैं। इस कानून को अंतरराष्ट्रिय मान्यता प्राप्त है। अगर आप संविधान मानते हैं तो आप ये भी देख सकते हैं कि भारत माँ के करोड़ों बच्चे अपने अधिकारों से वंचित हैं, पर हम म...

भारत माँ के बच्चे -1

पैदा होते ही सब को माथा पीटते देखा, दुखनी सिर्फ़ नाम है या सच की पहचान 1 साल का अभिमन्यू एक दिन में बड़ा हो गया पिताश्री की बाटली ले कर खड़ा हो गया! 2 साल की राजेश्वरी कैसे जाने वो गुड है या बेड गर्ल, क्यों आप आलू-प्याज़ की तरह बच्चों को तौलते हैं! 3 साल का जितेंदर झाड़-फूँक से साफ़ हो गया किसको सजा मिली और कौन मांफ हो गया?? 4 साल की बसंती को एक रोटी कम मिली, उस भाई के लिए जो उसे कभी बचाएगा!!! 5 साल के असोक का कहीं कुछ पता नहीं चला फुटपाथ पर तिरंगा बेचते बच्चे का नाम पूछा!?? 6 साल की रमणी डरती है जबरजस्ती के हाथों से, बेबी को देवी बना कोई गोद बिठाना चाहता है! 7 साल के मुन्ना को आज उसकी पहचान बताई गई, मास्टर जी डंडा से बोले, "नीची जात" "पढ़ोगे"? 8 साल का पिंटू घंटों होटल में बर्तन घिसता है, गौर से देखिये उसके अंदर भगवन बसता है!! 9साल की मुन्नी घर का झाड़ू-पोंछा करती है, कौन सी देवी है जिसकी आप पूजा करती हैं!

गणमंत्र दिवस स्वाहा!

देवी है, माता है, इज़्ज़त है हर 'मर्द' की, फिर भी दवा नहीं कोई इसके दर्द की (बलात्कार जैसे देश की संस्कृति है) कोई देशभक्त गुंडा गाली देगा इसका भय है मज़बूरी में कहते जय जय जय जय है! (सिनेमाघर में डर के मारे देशभक्त बनाये जा रहे हैं) भेड़िये भेड़ बने हैं, तोड़ मस्जिद नफ़रत पालते हैं, मज़हब का सब पर जाल डालते हैं। (आर एस एस) भीड़ में सब खड़े हो गए, खासे चिकने घड़े हो गए, सोच के दड़बे हो गए, 'एक' के टुकड़े हो गए (भक्त जो विविधता का खून कर रहे हैं) बाबरी की छत टूटी, संविधान की इज्जत लूटी, अब सत्ता में हैं, देश कि तो किस्मत फूटी! (आप खुद समझदार हैं) पूरा मुल्क सावधान है, तहज़ीब को विश्राम है जिसने सर उठाया उसको काले रंग का नया ज्ञान है! (विरोध अब हिंसा है, जो हट कर बोले उसको मुँह काला कर घरवापस करते हैं) जन जन क्या मन है? क्यों इतना पिछड़ापन है?? (आपको विकास दिखता है या गांव और स्लम में उसका अवकाश) जय जय जय जय है, क्यों देशभक्ति का नाम भय है? ( क्यों हम इतने डरे हैं कि किसी के सवाल उठाने से आक्रमक हो जाते हैं) भारत माता की जय, रोज़ खबर है, अच्छाई पर ...