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ये क्या होरया?

सड़क पर गड्ढ़ा हो रेया गणपति बप्पा मोरया काला चश्मा पे डांस हो रेया गणपति बप्पा मोरया डंडे से चन्दा इकट्ठा हो रेया, गणपति बप्पा मोरया ईगो जैसा बड़ा मूर्ति हो रेया गणपति बप्पा मोरया सब शेप साइज़ में बिक्री हो रेया घर बैठे सार्वजनिक गणपति बप्पा मोरया मिटटी प्लास्टिक हो रेया गणपति बप्पा मोरया भक्ति में भी चूहा दौड़ हो रेया गणपति बप्पा मोरया नास्तिक होगा जो भूखा सो रेया, गणपति बप्पा मोरया! मूरख कहे कण में भगवन, यकीन कोई न हो रिया ? गणपति बप्पा मोरया! भक्ति कहें एक रिश्ता है,  इतना तमाशा क्यों हो रिया? गणपति बाप्पा मोरया!

तमाम तस्वीरें!

तलवारों की ही धार हज़म करते हैं, युँ जिंदा उऩ्हें उनके जख्म करते हैं! उम्मीद ही को अपनी कसम करते हैं, अपनी ही मुश्किलों को तंग करते हैं! सच हो गये गुमशुदा पैसों के गलियारे में, खबरें पकती हैं तिज़ोरी के अंधियारों में! आँखे भींच ली कौन कहे अंधियारे में, खबर आयेगी तब सोचेंगे इस बारे में! फ़िज़ूल सब बोलियां आपकी, ये बिकने वाली चीज़ नहीं, वो कोई और दौर था, अब सच को कोई अज़ीज़ नहीं! वो जायके और थे जब हिम्मतों के दौर थे, खुली हवाओं के अब कोई वैसे मरीज़ नहीं! बड़ी शान से सब अपना धरम होते हैं, किसको फ़ुर्सत देखे, क्या करम होते हैं! झुका दिये सर जहां पत्थरों में रंग देखे बड़े संगीन बुतपरस्तों के भरम होते हैं! खुली दुकान है मुसाफ़िर सामान है, कीमत अजनबी मेहमान है, लगा लीजिये आपको जो मोल लगे, ये सौदा बड़ा आसान है! काम आसान हो कि चंद दरवाज़े खुले रखिये, अपने लूटेरों के लिये दिल में थोड़ी जगह रखिये क्या फ़रक पड़ता है कि तुम खुश हो, जिंदगी समझने लगे तो क्या तीर मारा, ये कहो कि चलते हुए कंकड़ चुभते हैं, और नज़र में कोई पौधे हैं जो उगते हैं!  आखिर किस बा...