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सियासत तमाम!

सियासत जुल्म है, हुक्मरान कातिल, शिक़ायत करें, किससे, क्या हांसिल! बड़ी कारोबारी सरकार है, मज़हब इसका व्यापार है। वो सरकार जिसका मज़हबी सरोकार है, सोचा जाए तो मानसिक रूप से बीमार है! सरकार धर्म की ठेकेदार बनी है, छाँट-बांट -काट की नीति चुनी है! आज कल ताज़ा खबर है, नफरत सियासत का घर है! इंसानियत की क्यों सरहदें हैं? हैवानियत क्यों सरकार हुई है?  मौत सरकार हो गयी है, बड़ा कारोबार हो गई है!!  इंसाफ़ कटघरे में खड़ा है, सियासत चिकना घड़ा है! गायगर्दी कीजिए, सरकारी काम है, गुनाहगारों को अब रामनाम है!!

भ्रष्टाचार अब शिष्टाचार

भ्रष्टाचार अब शिष्टाचार बन गया है अमीर की थाली का अचार, बाबा की थाली का प्रसाद बन गया है, पैसा लेना संकुचित मानसिकता का करप्शन पर असली भ्रष्टता क्या है, साँठ-गाँठ, पीठ के पीछे हाथ, मैं ड़ॉलर ४० का कर दूँगा, तुम जीने की कला को फ़ला देना, फ़ैला देना, पैसे कि लेन-देन बच्चों का खेल है, गेम काँच की गोली, फटी ज़ेब ने पोल खोली, पर असली बेईमान, ताकत का इस्तमाल करने वाले लोग हैं, इशरत के हत्यारे, पांडे और बंजारा हैं? शाह की शय वाले, अडानी के जहाज सवार, गाय पर सवार, बीफ़ के व्यापार! लाल बत्ती पर सिग्नल तोडा, ज़नरल के टिकिट पर ए.सी. खोला ये सब आम आदमी की टुच्चयाई है, इसमें देश की बात कंहा आई है? बिना टेंडर के कॉण्ट्रेक्ट , बेनामी खाते में एड़जस्ट, टार के उपर सीमेंट की सड़कें, बोफोर्स बंदूकें और कारगिल के कॉफिन, सियासत में बैठे लोगों के यकीन, राम के नाम और बाबरी तमाम, ये है बईमानी, सबसे बड़ी, सबसे घातक, संविधान के साथ धोखेबाज़ी इससे ज्यादा क्या भृष्टता होगी? 84/2002/ हाशिमपूरा /मुम्बई और कई सरकारी दंगे, ये है बेईमानी, देश से, देश के विचार से, और इंसानियत से दग़ाबा...

आदमी और आमदनी!

बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ , आदमी हुँ आमदनी से प्यार करता हूँ , एक तिज़ोरी बन गया दुनिया के मेले में , पैसे दिखते कोल में , ड़ब्बे में रेलों के , मुस्करा के नोट सब स्वीकर करता हूँ आदमी हुँ आमदनी से प्यार करता हूँ हूँ बहुत नादान करता हूँ ये नादानी भाई भतीजे मेरे और मेरी ही मनमानी हाथ खाली हैं मगर व्यापार करता हूँ आदमी हूँ  . . . क्या हुआ जो फंस गया हूँ एक स्केंड़ल में , खुश करुँ लक्ष्मीजी सोने की केंड़ल से इस तरह में टीम अपनी तैयार करता हूँ आदमी हूँ  . . . मैं बनाना चाहता हुँ स्वर्ग धरती पर , ले लो तुम कॉन्ट्रेक्ट इसका टेंड़र भर - भरकर , 3G का नेटवर्क मस्त तैयार करता हूँ आदमी हूँ आमदनी से प्यार करता हूँ  . . . https://www.youtube.com/watch?v=rEuGYVAQutY स्टार प्लस के ड़ांस शो को promote करने के लिये करंट इशूस के उपर व्यंग करने के लिये शो के पार्टिसिपेंट चावट बोयस के लिये लिखे गाने!