मैं धर्म और जात हूँ,
सरकारी हालात हूँ,
मेहनत का मज़ाक हूँ,
मक्खन मलाई औकात हूँ!
मुझे क्या फर्क पड़ेगा,
तबरेज़ की रामहत्या से
पायल के जातमत्या से
मैं मिडिल क्लास हूँ!!
मैं शहर हूँ,
अपार्टमेंट घर हूँ,
आरओ से तर हूँ,
बस्ती से बेख़बर हूँ!
स्लमबाई काम करती है,
माफ़िया टैंकर पानी भरती है,
मैं क्यों अपना हाथ लगाऊं,
कचरा गीला सूखा बनाऊं?
बस ट्रेन में ए.सी. हूँ,
बाज़ार में निवेशी हूँ,
मर्ज़ी जो परिवेशी हूँ,
क्रेडिट कार्ड का ऐशी हूँ!
मर्द मर्ज़ी मूत्र हूँ,
पितृसत्ता पुर्त हूँ
बाप, भाई, पति
ताकत का सूत्र हूँ!
जात में "नीच" नहीं,
औकात में बीच हूँ,
मर्द बीज हूँ
त्योहार तीज हूँ!
मैं हिंदी भाषी हूँ,
मतलब खासमख़ासी हूँ,
बहुमत की बदमाशी हूँ,
जन्मसिद्ध देशवासी हूँ!
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